Hindi Varnamala: (हिंदी वर्णमाला), Swar and Vyanjan, Example, Chart 2026

Hindi Varnamala (हिंदी वर्णमाला), हिंदी भाषा सीखने का मुख्य आधार है। यदि आप स्कूल के छात्र हैं या अपने बच्चों को व्याकरण सीखना चाहते हैं तो यह विस्तृत लेख आपके लिए ही है। इस लेख में हम हिंदी वर्णमाला, स्वर और व्यंजन, उनके भेद और परिभाषाओं और उदाहरणों को विस्तार से समझेंगे।

हिंदी वर्णमाला क्या है? (Hindi Varnamala kya hai?)

वर्णमाला हिंदी सीखने का सबसे पहला पड़ाव है। हिंदी सीखने के दौरान सबसे पहले हम हिंदी वर्णमाला (Hindi Varnamala) सीखते हैं। हिंदी वर्णमाला (Hindi वर्णमाला) में कुल 52 अक्षर (वर्ण) होते हैं। जिसमें स्वर की संख्या 11 और व्यंजन की संख्या 33 होती है। बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा वर्णमाला से ही शुरू होती है, इसलिए इसका महत्व अत्यंत अधिक है वर्णमाला की पूरी जानकारी के लिए इस लेख को अंत तक पूरा पढ़ें। यह लेख कक्षा 1 से लेकर 5 तक के छात्रों के लिए बिल्कुल सटीक है। इस पेज पर NCERT और हिंदी मानक व्याकरण के अनुसार हिंदी वर्णमाला की जानकारी उपलब्ध है।

हिंदी वर्णमाला की परिभाषा और अर्थ (Hindi Varnamala Definition)

हिंदी भाषा की सभी अक्षर के समूह को हिंदी वर्णमाला कहते हैं।

या

वर्णों या अक्षरों के व्यवस्थित और क्रमबद्ध समूह को हिंदी वर्णमाला (Hindi Varnamala) कहा जाता है

आसान शब्दों में ‘वर्णमाला’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। वर्ण और माला जिसका अर्थ है ‘वर्णों की माला’। वर्ण भाषा की सबसे छोटी ध्वनि होती है। जिसके टुकड़े नहीं किया जा सकते हैं। हिंदी वर्णमाला में कुल 52 वर्ण होते हैं। इन्हें मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है – स्वर और व्यंजन वर्ण। अ से ज्ञ तक सभी अक्षरों को मिलाकर हिंदी वर्णमाला बनती है।
उदाहरण – अ, आ, , ई, क, ख, ग, घ आदि।

हिंदी वर्णमाला के प्रकार (Type of Hindi Varnamala)

हिंदी व्याकरण के अनुसार हिंदी वर्णमाला (Hindi Varnamala) मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है।

  • स्वर (Swar)
  • व्यंजन (Vyanjan)

1. स्वर (Swar)

जिन वर्णों का उच्चारण बिना किसी अन्य वर्णों की सहायता से, सीधे कंठ से हो उन्हें स्वर वर्ण कहते हैं। जैसे जब हम ‘अ’ या ‘आ’ बोलते हैं तो किसी दूसरे अक्षर की मदद नहीं लेनी पड़ती और ध्वनि मुंह खोलकर निकाला जा सकता है। इसलिए इन्हें स्वर (Swar) कहा जाता है।

Swar Kitne Hote Hain?

हिंदी वर्णमाला (Hindi Varnamala) में कुल 11 स्वर होते हैं।

  • 11 स्वर इस प्रकार हैहै (Hindi Swar)अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ

नोट – हिंदी व्याकरण के अनुसार ‘अं‘ और ‘अः‘ अयोगवाह कहा जाता है क्योंकि ना तो यह स्वर है और ना ही व्यंजन।

उदाहरण

  • अ से अनार,
  • आ से आम,
  • इ से इमली
स्वर (Vowels)उदाहरण (Example)उच्चारण स्थान (pronunciation)मात्रा रूप (Vowel Sign)
से नारकंठ (Throat)(कोई मात्रा नहीं)
से कंठ (Throat)ा (जैसे: का)
से मलीतालु (Palate)ि (जैसे: कि)
से तालु (Palate)ी (जैसे: की)
से ल्लूहोंठ (Lips)ु (जैसे: कु)
से होंठ (Lips)ू (जैसे: कू)
से षिजीव और तालू (Tongue + Palate)ृ (जैसे: कृ)
से ड़ीकंठ और तालू (Throat + Palate)े (जैसे: के)
से नक (चश्मा )कंठ और तालू (Throat + Palate)ै (जैसे: कै)
से खलीगला और होंठ (Neck and Lips)ो (जैसे: को)
से रतगला और होंठ (Neck and Lips)ौ (जैसे: कौ)

हिंदी वर्णमाला चार्ट (Hindi Varnmala Chart)

Swar
Vyanjan

स्वर के प्रकार (Type of Vowels)

हिंदी वर्णमाला (Hindi Varnamala) में उच्चारण में लगने वाले समय (मात्रा) के आधार पर स्वर को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है।

1. हस्व स्वर (Haswa swar)

 जिन स्वरों के उच्चारण में सबसे कम समय लगता है (एक मात्रा का समय) लगता है उन्हें हस्व स्वर कहते हैं। इनकी संख्या चार है- अ, इ, उ, ऋ

2.दीर्घ स्वर (Dirgh swar)

Hindi Varnamala में जिन स्वरों के उच्चारण में पत्र का समय लगता है, उन्हें दीर्घ स्वर कहते हैं। इनकी संख्या 7 होती है- आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ

3.प्लुत स्वर (Plut swar)

जिन स्वरों के उच्चारण में तीन मात्राओं का समय लगता है, उन्हें प्लुत स्वर कहते हैं। इसका प्रयोग अक्सर किसी को दूर से पुकारने में किया जाता है। उदाहरण: ओ३म् (ओऽम्), सुनोऽऽ!

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2. व्यंजन (Vyanjan)

जिन वर्णों का उच्चारण स्वर की सहायता से किया जाता है, उन्हें व्यंजन कहते हैं। यह ध्वनि तब निकलती है, जब फेफड़ों से आने वाली वायु के प्रवाह को कंठ, तालु, जीभ, या होंठ द्वारा बाधित किया जाए।

सरल शब्दों में, व्यंजन कभी भी अकेले नहीं बोले जा सकते। जब हम कोई व्यंजन (Vyanjan) बोलते हैं, तो उसके पीछे हमेशा ‘अ’ स्वर की ध्वनि छिपी होती है।

  • उदाहरण – जब आप बोलेंगे ‘क’ तो असल में वह क् + अ = क होता है।

हिंदी के 33 मूल व्यंजन इस प्रकार है (Vyanjan in Hindi) – क, ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज, झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श, ष, स, ह।

व्यंजन कितने होते हैं? (Vyanjan kitne Hote Hain?)

हिंदी वर्णमाला (Hindi Varnamala) के मूल रूप से 33 व्यंजन होते हैं। हालांकि संयुक्त और अतिरिक्त वर्णों को मिलाकर इनकी संख्या 39 तक पहुंच जाती है।

व्यंजन वर्ग (Group)व्यंजन अक्षर (Consonants)उच्चारण संकेत (Pronunciation Guide)
क वर्ग (Kavarg)क   ख   ग   घ   ङकंठ (Throat) – जैसे: कमल, खरबूजा, गुलाब
च वर्ग (Chavarg)च   छ   ज   झ   ञतालु (Palate) – जैसे: चम्मच, छाता, जल
ट वर्ग (Tavarg)ट   ठ   ड   ढ   णमूर्धन्य (Retroflex) – जैसे: टमाटर, ठंडा, डमरू
त वर्ग (Tavarg)त   थ   द   ध   नदंत (Teeth) – जैसे: ताला, थैला, दवात
प वर्ग (Pavarg)प   फ   ब   भ   महोंठ (Lips) – जैसे: पत्ता, फल, बाल
अंतस्थ (Antahstha)य   र   ल   वTeeth + Lips– जैसे: यज्ञ, रथ, लाल, वस्त्र
उष्म (Ushma)श   ष   स   हगले के अंदर– जैसे: शेर, षट्कोण, सपना, हंस

व्यंजन के प्रकार (Type of Consonants)

हिंदी वर्णमाला (Hindi Varnamala) में उच्चारण के आधार पर व्यंजनों को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है।

1.स्पर्श व्यंजन (Sparsh Vyanjan)

इन व्यंजनों को बोलते समय हमारे मुंह के अलग अलग हिस्सों (कंठ, तालु, जीभ, होंठ) को पूरी तरह स्पर्श करती है। इनकी संख्या कुल 25 है। (क-वर्ग से प-वर्ग)

2. अंतस्थ व्यंजन (Antastha Vyanjan)

हिंदी वर्णमाला (Hindi Varnamala) के व्यंजन है जिन का स्वर और व्यंजन के बीच का होता है। इनकी संख्या चार है – य   र   ल   व।

3. उष्म व्यंजन (Ushma Vyanjan)

इन वर्णों का उच्चारण करते समय मुख से हवा रगड़ने के साथ बाहर निकाल। इनकी संख्या चार है – श   ष   स   ह।

    FAQs on हिंदी वर्णमाला (Hindi Varnamala)

    हिंदी वर्णमाला (Hindi Varnamala) किसे कहते हैं?

    वर्णों या अक्षरों व्यवस्थित और क्रमबद्ध समूह को हिंदी वर्णमाला कहा जाता है।

    हिंदी वर्णमाला में कुल कितने अक्षर वर्ण होते हैं?

    एनसीईआरटी और हिंदी व्याकरण के अनुसार हिंदी वर्णमाला में कुल 52 अक्षर होते हैं। इनमें से 11 स्वर, 2 अयोगवाह, 33 मूल व्यंजन, 4 संयुक्त व्यंजन और 2 द्विगुण व्यंजन शामिल है।

    हिंदी वर्णमाला (Hindi Varnamala) में स्वर की संख्या कितनी है?

    हिंदी वर्णमाला में मुख्य रूप से 11 स्वर होते हैं।

    हिंदी वर्णमाला में व्यंजन की संख्या कितनी है?

    हिंदी व्याकरण के अनुसार हिंदी वर्णमाला में 33 मूल व्यंजन है।

    अं‘ और ‘अः‘ अयोगवाह क्या है क्या यह स्वर है?

    नहीं, ‘अं‘ और ‘अः‘ को पारंपरिक स्वर नहीं माना जाता है। हिंदी व्याकरण में इन्हें अयोगवाह कहा जाता है। यह न तो पूरी तरह स्वर है, और न ही व्यंजन।

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